पंडवन धाम में मेला प्रारम्भ,भारी संख्या में पहुँच रहे दर्शनार्थी

0
43

पंडवन धाम में मेला प्रारम्भ,भारी संख्या में पहुँच रहे दर्शनार्थी

प्रतिवर्ष मकर संक्रांति पर्व पर आयोजित किया जाता है धर्मस्थल पर मेला

कच्चे दुर्गम धूल भरे रास्ते से होकर पहुँचते हैं पंडवन धाम,श्रद्धालुओं को होती है भारी परेशानी

सतीश नायक

मड़ावरा(ललितपुर)-तहसील मड़ावरा ग्राम दिदोनिया के समीप विंध्याचल पर्वत श्रृंखला के मध्य जामनी नदी के किनारे ऊँची पहाड़ी पर स्तिथ पांडवों की तपस्थली पंडवन धाम पर मकर संक्रांति के पावन दिवस से मेले का शुभारंभ हुआ प्रथम दिवस हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पंडवन धाम पर विराजमान हनुमान जी महाराज के दर्शन कर पांडवों द्वारा स्थापित किये गए प्रतीकात्मक शिवलिंग के दर्शन कर सूर्य उत्तरायण के पर्व मकर संक्रांति को मनाया।
पंडवन धाम दर्शन को हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पंडवन धाम के दर्शन कर क्षेत्र पर आयोजित मेले का आनंद लेते हुए जरुरति सामान की खरीददारी की गयी दूर दूर से दर्शन की आश लेकर पहुंचे दर्शनार्थियों ने क्षेत्र पर विराजमान हनुमान जी महाराज के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया साथ ही पहाड़ से नीचे मध्य में पांडवों द्वारा अज्ञातवाश के दौरान स्थापित की गयी प्रतीकात्मक शिवलिंगों पर जल अर्पण कर पुण्य लाभ लिया व् इन्ही पिंडियों के नजदीक ही बने प्राचीन जलालु यानि जल कुंडों में से दिव्य जल का पान किया
उपस्तिथ श्रद्धालुओं से प्राप्त जानकारी अनुसार पहाड़ से निर्वाध आ रहे इस दिव्य जल के छिड़काव से फसल में होने वाली इल्ली स्वतः ही समाप्त हो जाती है जिसके चलते हजारों की संख्या में दर्शनाथ पहुंचे श्रद्धालुओं व् कृषकों ने इस दिव्य जल से अपनी प्यास बुझाई और साथ में भी ले जाने का क्रम चलता रहा इस तपोस्थली पंडवन धाम पर प्रतिवर्ष मकर संक्रांति पर्व पर मेले का आयोजन किया जाता है जिसकी व्यवस्था समीपस्त ग्राम पारोल की समिति करती है किंतु श्रद्धालुओं को इस स्थान तक पहुंचने हेतु भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है पक्की सड़क न होने व् पथरीली एवं धूल भरे मार्ग होने के चलते भारी परेशानी उठानी पड़ती है जिससे राहगीर व् वाहन चालकों का बुरा हाल हो जाता है कभी कभी भारी लंबे जाम की स्तिथि भी निर्मित हो जाती है शासन प्रशासन द्वारा पुलिस व्यवस्था के अतिरिक्त कोई भी व्यवस्था न किये जाने से यहाँ पहुँचने वाले दुकानदारों के साथ ही श्रद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त है।

दुर्गम रास्तों से कठिनाइयों का सामना कर पहुँचते हैं पंडवन धाम-
पंडवन धाम पहुँचने के लिए दो रास्ते हैं एक ग्राम वाया पारोल व् दूसरा दिदोनिया से होकर लेकिन दोनों रास्ते कच्चे व् दुर्गम पहाड़ियों के बीच से होने के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है साथ ही रास्ते के बीच में पड़ने वाली जामनी नदी पर रिपटा न होने से नदी के पत्थरों पर फिसलने से वाहन चालक चुटहिल हो जाते हैं शासन प्रशासन द्वारा पंडवन धाम तक पहुंचने वाले मार्ग को पक्का निर्माण न करवाने से श्रद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त है।

घण्टों का लग जाता है जाम,धूल के गुबारों से करना पड़ता है सामना-
पंडवन धाम दर्शन की आशा में पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को धूल से भरे रास्ते पर जाम के झाम का शिकार होना पड़ता है आलम यह रहता है कि घण्टों तक मीलों तक वाहनों का जाम में फंसकर आवागमन बाधित हो जाता है मकर संक्रांति पर आयोजित होने वाले मेले के पहले दिन ही हालात यह हुए कि तहसील अंतर्गत आयोजित हो रहे मेले का निरीक्षण करने पहुंचे एस डी एम पाली को भी इस जाम में घण्टों तक फंसना पड़ा जैसे तैसे कड़ी मसक्कत उपरांत मीलों लंबे लगे जाम से निजात मिल सका।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here